तुम बिन
तुम्हें न पा सकने का गम 😔
नहीं मुझे
गिला तो इस बात का है ,
कि मैंने कोशिश नहीं की।
ठान लेता अगर ,तो तुम दूर
नहीं थी
पर तुमसे बात 💬करने की
हिम्मत मैं जुटा नहीं पाया।
हां ये गुनाह हुआ है
दिल को दर्द 😥दिया है मैंने
तन्हाई में तुम्हारी यादें
तकलीफ देती है
इस तकलीफ 😇को संजो रखा
है मैंने।
पर अब और नहीं
आज कह देता हूँ ,
लोक-लज्जा 🙈का
डर नहीं मुझे।
तू समझे तो आशिक़ 😍,न
समझे तो शायर 😚ही सही ,
तू मेरी कल्पना ही सही!!!💘