Sunday, September 30, 2018

tum bin

तुम बिन 

तुम्हें  न  पा  सकने  का  गम 😔
नहीं मुझे 
गिला तो इस बात का है ,
कि  मैंने  कोशिश नहीं की। 

ठान  लेता अगर ,तो तुम दूर 
नहीं थी 
पर  तुमसे बात 💬करने की 
हिम्मत मैं जुटा  नहीं पाया। 

हां ये गुनाह हुआ है 
दिल को दर्द 😥दिया है मैंने 
तन्हाई में तुम्हारी यादें 
तकलीफ देती है 
इस तकलीफ 😇को संजो रखा 
है मैंने। 

पर अब और नहीं  
आज कह देता हूँ ,
लोक-लज्जा 🙈का 
डर  नहीं मुझे। 

तू समझे तो आशिक़ 😍,न 
समझे तो शायर 😚ही सही ,
तू मेरी कल्पना ही सही!!!💘